ikshit

Chote - Chote Anubhav

51 Posts

36 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 12933 postid : 714738

??? रोज एक नयी मौत क्यों ? : देश बचाओ… राजनीति नहीं… ???

  • SocialTwist Tell-a-Friend

रोज ही मौत हो रही है!
—–*—–*—–*—–*—–*—–
नौसेना के धवल-पटल पर
रक्तिम जीवन विह्वल छण अतिरेक!
—–*—–*—–*—–*—–*—–
है विशेष…
दुश्मन की गोली से नहीं
अपनों की यंत्रणा से
संहार का तांडव चँहु-ओर!
खून के छींटे
दागदार कर रहे
श्वेत वर्दी को
वर्दी वाले
स्वयं स्तब्द्ध
किसलिए
राजनीति की कीमत पर
ये देश का मटिया-मेट?
हैं स्वतंत्र हम
संविधानित राजनेता सब
कहते हैं
पर परतंत्रता की परिपाटी का प्रखर
कायम है आलेख
अँग्रेज़ों के ठान्से गये नियमों से
ताक रहा सैनिक
अपने मुँह ठूंस अपना आवेश…
किससे कहे
अपनी दुर्दशा का चूसता परिवेश…
हर गोली अपनी चीर रही
अपना ही सैनिक
भला और किस ताकतवर पर
और भला कैसे निकले
मान को कचोटता ये क्लेश?
अंदर ही अंदर धधक रहा
जीवन-विद्वेष!
सच्चाई के इस कत्ल पर भी
भ्रष्टाचार का भारी आतिथ्य पुर-ज़ोर
इसे
यहाँ नहीं जानता भला कौन?
देश से खेलती जनता के खिलवाड़ से
पूंछ रहा है
अपनी रोज की मौत पर
देश का सैनिक मौन!
जनता मौन
और भारत का भाग्य-विधाता… जाने भला कौन?



Tags:                                       

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (4 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

2 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

deepakbijnory के द्वारा
March 10, 2014

आज के परिप्रेक्ष्य में सच बयां करती और सोचने को विवश करती एक भावपूर्ण कविता वाह सदर नमन इच्छित जी http://deepakbijnory.jagranjunction.com/2014/03/07/माँ-कवितामहिला-दिवस-पर-वि/

    ikshit के द्वारा
    March 11, 2014

    Deepak Ji… Aap ne bhaavon ko samman diya… Jaan kar bahut hi achchha laga. Desh ka bhavishy thoda mushkil najar aa raha hai Isliye Khud bhi kaatil banne ki soch dhaalni pad rahi hai… Dekhte hain ye mashaal kab hauslon ko sang jala kar desh men ujala failaayegi… :)


topic of the week



latest from jagran