ikshit

Chote - Chote Anubhav

51 Posts

36 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 12933 postid : 716315

!! घुटती हिन्दुस्तानियत … माँग रही बलि !!

Posted On: 12 Mar, 2014 Others में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

हम मर रहे हैं
वो बयान दर्ज कर रहे हैं!
*—–*—–*—–*—–*—–*—–*
वो गद्दी के लिए
चुनाव में आपस में झगड़ रहे हैं
हम उनकी जिंदगी की रखवाली के लिए
अपनी साँसों से जंग लड़ रहे हैं!
वाह-वाह… वाह-वाह…
देशभक्ति के समीकरणों का आलम… ….
विदेशी हमारी राजनीति पर
अपने इरादे गढ़ रहे हैं
और देश के सैनिक
मौत के मानकों पर
ज़िम्मेदारी के छलावे तले
कत्ल होने की वजह से
समझौता कर रहे हैं!
*—–*—–*—–*—–*—–*—–*
आख़िर झोंक क्यों नहीं देते
उनकी कब्र खोदने में
हर साल हादसों की भेंट चढ़ जाता
ये ढेर असलहा-बारूद?
हाथों में ठुन्स गयी हैं
कायरता खनखनाती चूड़ियाँ ये
या वोट-बॅंक की घिनौनी सोच ने
आवाम की आम जान से कर बेपरवाह
सरकारी हुक्मरानों को
कर दिया है उनकी अकल से नेस्तनाबूद.
वो
पूरी इंसानियत की गर्दन मरोड़ सकते हैं
हम
चंद इंसानों से बैर कर सकते नहीं
वो
मासूमों की बलि लगातार चढ़ाते रहें
हम
उनको जवाब देने से भी डरें
कि कहीं ग़लती से ही
जान न ले लें चंद निर्दोषों की…
लोग तो मर ही रहे हैं
कोई गिनती
दोषी
या निर्दोष की नहीं!
फिर क्यों
एक निर्दोष को बचाने की कीमत पर
बलि इस हमारे हिन्दुस्तान की?
क्यों भला
ये बलि
घुट-घुट भी
मुश्किल से जी पा रही हिन्दुस्तानियत की?
*—–*—–*—–*—–*—–*—–*
अब चमकेगी
वो जो तलवार पुरानी थी
सत्ता की
रखवाली की कीमत पर
देनी होगी बलि
हर उस सोच की
जो कल तक ‘हमारी’ बेचारी थी.
अब हम
झोंकेंगे ये जान जी-तोड़
जिसकी गाथा
गीता-रामायण से
दुनिया ने जानी थी.
हम जियेंगे अब उस हिन्दुस्तान में
पूरी दुनिया
हमेशा से
जिस हिन्दुस्तान की कहानियों पर दीवानी थी.
फड़कती भुजाएँ
हैं बिल्कुल तैयार
और हम लिखेंगे कहानी
अपनी जान लेने वालों की
जान लेने की कुर्बानी की.
जय जवान !
जय हिन्दुस्तान !!!



Tags:                                     

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (5 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

6 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

niharika77 के द्वारा
March 15, 2014

सुन्दर पंक्तिया

    ikshit के द्वारा
    March 16, 2014

    Niharika Ji aap ki bhaavnaon ka tah-e-dil se swaagat hai.

jlsingh के द्वारा
March 12, 2014

आज के माहौल में जो राजनीतिक दांव पेंच चल रहे हैं … कवि लेखकों की लेखन मचल रहे हैं. हैम आप सब लिखते जायेंगे वे अपनी मन मर्जी करते रहेंगे. … बहुत अँधेरा है … दिखता नहीं सवेरा है…सादर!

    ikshit के द्वारा
    March 14, 2014

    Wo hamse alag nahin hain sir ji Wo Hamme me se hi hain Ham Jo karenge wo Hamara desh karega To Chalen fir… Karttavy ka beeda utha kar…

abhishek shukla के द्वारा
March 12, 2014

हम जियेंगे अब उस हिन्दुस्तान में पूरी दुनिया हमेशा से जिस हिन्दुस्तान की कहानियों पर दीवानी थी. फड़कती भुजाएँ हैं बिल्कुल तैयार और हम लिखेंगे कहानी अपनी जान लेने वालों की जान लेने की कुर्बानी की. जय जवान ! जय हिन्दुस्तान !!!……..वंदे मातरम…बहुत दमदार लेख…

    ikshit के द्वारा
    March 12, 2014

    Abhishek Shukla Ji… aap ki prashansha ke liye bahut-bahut shukriya… Waise Aap bhi is “Ham” ka ek hissa hain. Jawaani ki rawaani kaayam rakhiye Is hamaare hindustaan ke liye… Sabhaar Ikshit


topic of the week



latest from jagran